वायनाड में हाथियों के आतंक से परेशान आदिवासियों को राहुल गांधी से उम्मीद- दिलाएंगे राहत

वायनाड से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही इस शहर पर हर किसी की नजर है और स्थानीय लोगों अपने-अपने स्तर पर क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को उठा रहे हैं. हाथियों से परेशान एक आदिवासी महिला का कहना है कि हाथियों से निपटना और उनके हमलों से बचना सबसे बड़ा मुद्दा है. जंगलों के भीतर हमारे घरों में हाथियों के हमलों का डर रहता है. इस बार हम वोट नहीं देंगे. इन चुनावों में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं हैकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अमेठी के अलावा केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने आज गुरुवार को इसके लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया. राहुल के वायनाड आने से यह क्षेत्र अचानक से राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गया हो, लेकिन वायनाड के स्थानीय आदिवासियों के लिए रोटी और मकान जैसी समस्याओं केअलावा हमलावर हाथियों से निपटना उनकी पहली प्राथमिकता है